Thu 15 Oct 2026

ब्रेकिंग

असमानता पर राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित

draft title

समय पर तैयारी की मांग

ऐतिहासिक फैसलों पर बांटी मिठाई

हुआ था लापता, पुलिस में दर्ज है गुमशुदगी का मुकदमा

सुचना

बनबसा महाविद्यालय में डिजिटल विभाजन और सामाजिक : असमानता पर राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित

Abid Hussain

Thu, Oct 15, 2026

विशेषज्ञों ने डिजिटल सुविधाओं तक समान पहुंच, शिक्षा और वंचित वर्गों को तकनीक से जोड़ने पर दिया जोर

बनबसा (चंपावत)। राजकीय महाविद्यालय बनबसा, चंपावत के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डोईवाला, देहरादून, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्योतिर्मठ, चमोली तथा राजकीय महाविद्यालय थत्यूड़ के सहयोग से बृहस्पतिवार को ‘भारत में डिजिटल विभाजन और सामाजिक असमानताएं : चिंताएं एवं आगे की राह’ विषय पर अंतरमहाविद्यालयी वेबिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल सुविधाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने और समाज के वंचित वर्गों को तकनीकी सुविधाओं से जोड़ने के उपायों पर चर्चा करना रहा।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि भारत में डिजिटल विभाजन केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक असमानता का भी प्रमुख कारण है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों, महिलाओं और पुरुषों, शिक्षित एवं अशिक्षित वर्गों तथा विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच इंटरनेट, स्मार्टफोन, डिजिटल साक्षरता और ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच में अंतर दिखाई देता है। इस अंतर को कम करने के लिए सस्ती इंटरनेट सुविधा, स्थानीय भाषाओं में डिजिटल सामग्री, सामुदायिक प्रशिक्षण और विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांगजनों तथा वंचित समुदायों के लिए योजनाएं आवश्यक हैं।

वेबिनार का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आनंद प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में प्राध्यापक डॉ. राजीव कुमार सक्सेना, डॉ. भूप नारायण दीक्षित, डॉ. कमलेश शुक्ला, डॉ. सुधीर पालिक, डॉ. हेमंत कुमार गड़तौड़ी सहित अन्य शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी की। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने भी विषय से संबंधित विचार प्रस्तुत किए और चर्चा में हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से जुड़े विशेषज्ञों ने डिजिटल असमानता के अलग-अलग पहलुओं पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने बताया कि डिजिटल सुविधाओं तक असमान पहुंच का असर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सरकारी योजनाओं और आर्थिक अवसरों पर पड़ता है। डिजिटल माध्यमों के विस्तार के बावजूद कई वंचित समुदाय इन सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

विशेषज्ञों ने डिजिटल साक्षरता अभियान को मजबूत करने, ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधाओं का विस्तार करने, स्थानीय भाषाओं में उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराने और महिलाओं तथा दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि डिजिटल नीतियों का उद्देश्य केवल तकनीक का विस्तार करना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए।

कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य डॉ. आनंद प्रकाश सिंह ने मुख्य अतिथि, विद्वान वक्ताओं, आयोजक मंडल, मीडिया प्रतिनिधियों, सहयोगियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ समावेशी विकास और सामाजिक समानता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Tags :

ब्रेकिंग न्यूज़

जरूरी खबरें