चुनावी वादों की पोल खोलता थपलियाल खेड़ा! तार टंगे, बिजली गायब… सड़क : अधूरी, ग्रामीण बेहाल
Abid Hussain
Tue, May 12, 2026
चुनावी वादों की पोल खोलता थपलियाल खेड़ा!
तार टंगे, बिजली गायब… सड़क अधूरी, ग्रामीण बेहाल
चंपावत। टनकपुर से महज लगभग 5 किलोमीटर दूर भारत-नेपाल सीमा से सटे थपलियाल खेड़ा गाँव की बदहाल तस्वीर ने एक बार फिर विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। विवाह समारोह में पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता दीपचंद्र पाठक ने ग्रामीणों से मुलाकात की, जहां लोगों का दर्द और व्यवस्था के प्रति आक्रोश खुलकर सामने आया।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले गाँव में बिजली के तार तो लगा दिए गए, लेकिन आज तक विद्युत आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। हालत यह है कि खंभों पर लटके तार अब “शोपीस” बनकर रह गए हैं। वहीं सड़क पर आरबीएम डालकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है और सीसी सड़क निर्माण आज तक पूरा नहीं हो पाया।
सबसे गंभीर बात यह है कि यह गाँव भारत-नेपाल सीमा से लगा संवेदनशील क्षेत्र है, जहां सड़क सुविधा न होने से सुरक्षा एजेंसियों विशेषकर सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों को भी गश्त करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब सीमांत क्षेत्र के गांव ही उपेक्षा का शिकार होंगे तो “आदर्श जनपद” के दावे आखिर किस आधार पर किए जा रहे हैं?
दीपचंद्र पाठक ने कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब तक सीमांत क्षेत्र के भोले-भाले ग्रामीणों को सिर्फ आश्वासन देकर बहलाया जाता रहेगा?
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की कि थपलियाल खेड़ा गाँव की समस्याओं का तत्काल संज्ञान लिया जाए और बिजली आपूर्ति व सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को भी सम्मानपूर्वक मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
“आदर्श चंपावत” के दावों को आइना दिखाता थपलियाल खेड़ा
सीमांत क्षेत्र का यह गाँव आज विकास की हकीकत बयां कर रहा है। बिजली नहीं, सड़क अधूरी और ग्रामीणों में भारी नाराजगी—यह तस्वीर प्रशासनिक दावों पर सीधे सवाल खड़े कर रही है।
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