रिपोर्ट: आबिद सिद्दीकी : मदरसा शिक्षा में नया सवेरा: अध्यक्ष कासमी ने सरकार के कदम को बताया ऐतिहासिक
Abid Hussain
Sun, May 3, 2026
आधुनिकीकरण से जुड़ेगा परंपरा का ज्ञान, छात्रों को मिलेंगे नए अवसर
खटीमा: उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ़्ती शमून कासमी ने राज्य सरकार द्वारा मदरसों के आधुनिकीकरण की पहल को एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास शिक्षा को समय के अनुरूप बनाने और छात्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा।
शिक्षा में आधुनिकता का समावेश:
कासमी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक धार्मिक शिक्षा को समाप्त करना नहीं, बल्कि उसमें आधुनिक विषयों, तकनीकी ज्ञान और कौशल विकास को शामिल करना है। इससे मदरसों के छात्र भी प्रतिस्पर्धी दौर में आगे बढ़ सकेंगे और बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ा पाएंगे।
समानता और पारदर्शिता पर जोर:
उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम समाज में समानता, न्याय और पारदर्शिता को मजबूत करेगा। यह पहल किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी वर्गों के विकास को ध्यान में रखकर की गई है।
मान्यता और सुविधाओं में विस्तार:
राज्य में बड़ी संख्या में मदरसों को मान्यता देने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे छात्रों को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं और अवसर मिलेंगे। मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ़्ती शमून कासमी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे ये बदलाव प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेंगे और समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिलेगा। मदरसा शिक्षा में आधुनिकीकरण की यह पहल न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाएगी, बल्कि समाज में समरसता और प्रगति की नई दिशा भी तय करेगी।
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