पूर्णागिरी तहसील क्षेत्र के हजारों पट्टेदारों को मालिकाना हक दिलाने की : दिशा में बड़ी पहल, जिलाधिकारी ने शासन को भेजा प्रस्ताव
Abid Hussain
Mon, Jun 8, 2026
टनकपुर। जनपद चम्पावत की तहसील पूर्णागिरी टनकपुर क्षेत्र में गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट, 1895 के तहत आवंटित भूमि पर निवास कर रहे पट्टेदारों को मालिकाना हक एवं विक्रय अधिकार दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी चम्पावत ने इस संबंध में उत्तराखण्ड शासन के राजस्व अनुभाग-2 को विस्तृत पत्र भेजकर शासन स्तर पर आवश्यक निर्णय लेने एवं दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
जिलाधिकारी द्वारा भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि पूर्णागिरी क्षेत्र के अनेक पट्टेदार, विशेष रूप से सेना में सेवारत एवं पूर्व सैनिक परिवार, वर्ष 2016 में जारी शासनादेश के दौरान गृह क्षेत्र से बाहर रहने तथा पर्याप्त जानकारी के अभाव के कारण निर्धारित समय सीमा में अपनी भूमि का विनियमितीकरण नहीं करा सके। परिणामस्वरूप वे आज तक भूमिधरी अधिकार एवं मालिकाना हक प्राप्त करने से वंचित हैं।
पत्र में बताया गया है कि वर्ष 2016 में जारी शासनादेश के तहत गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट की भूमि का विनियमितीकरण कर पट्टेदारों को मालिकाना हक प्रदान करने की व्यवस्था की गई थी, जिसकी समय सीमा बाद में वर्ष 2018 एवं 2019 में बढ़ाई गई। इसके बावजूद कई पात्र परिवार निर्धारित अवधि में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पाए।
गौरव सेनानी कल्याण समिति, भजनपुर एवं क्षेत्रीय पट्टेदारों द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्रों के आधार पर जिलाधिकारी ने शासन से अनुरोध किया है कि ऐसे पात्र पट्टेदारों के हितों को ध्यान में रखते हुए भूमि के विनियमितीकरण एवं मालिकाना हक प्रदान करने के संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
क्षेत्र के पूर्व सैनिकों एवं पट्टेदार परिवारों ने जिला प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि शासन स्तर से शीघ्र निर्णय लेकर लंबे समय से लंबित इस समस्या का समाधान किया जाएगा। यदि शासन द्वारा सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो पूर्णागिरी क्षेत्र के बड़ी संख्या में परिवारों को अपनी भूमि पर वैधानिक मालिकाना हक प्राप्त हो सकेगा, जिससे उनकी सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत होगी।
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