मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच, डीएम मनीष कुमार की मोहर : रायनगर चौड़ी में उतरी सरकार घर-घर
Abid Hussain
Sat, Dec 20, 2025
लोहाघाट। सरकार की जनता के द्वार पहल गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों के लिए किसी महाकुंभ से कम साबित नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच और जिलाधिकारी मनीष कुमार की सक्रिय कार्यशैली के कारण योजनाएं अब कागजों तक सीमित न रहकर सीधे पात्र लोगों के जीवन में बदलाव ला रही हैं। लोहाघाट विकासखंड के रायनगर चौड़ी गांव में आयोजित शिविर इसका जीवंत उदाहरण बना, जहां 23 विभागों के स्टालों के माध्यम से 506 लोगों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला।
कार्यक्रम में मौके पर ही समस्याओं का निस्तारण और मांगों को प्रक्रिया में शामिल किए जाने से ग्रामीणों के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि सरकार जनता के द्वार वास्तव में अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचने का सशक्त माध्यम बन चुका है।
शिविर का शुभारंभ करते हुए दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे ने कहा कि चंपावत जनपद सौभाग्यशाली है, जिसे मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धामी जैसा दूरदर्शी नेतृत्व मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को जो नई पहचान मिल रही है, उसका अन्य राज्य भी अनुसरण कर रहे हैं। साथ ही जिलाधिकारी मनीष कुमार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उनका संवेदनशील प्रशासन गरीबों की पीड़ा को समझते हुए दिन-रात कार्य कर रहा है और चंपावत को एक मॉडल जिला बनाने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम की मूल भावना यही है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सुविधा से वंचित न रहे और उसे योजनाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों और शिक्षित वर्ग से अपील की कि वे ऐसे लोगों को चिन्हित कर प्रशासन तक पहुंचाएं, जो अब तक योजनाओं से छूट गए हैं।
अपर जिलाधिकारी केएन गोस्वामी ने भावुक संबोधन में कहा कि निराश लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाना किसी तीर्थ यात्रा से कम पुण्य नहीं है। यह कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी बन रहा है।
सामाजिक संदेश भी दिया गया
शिविर के दौरान जिलाधिकारी ने शादी-विवाह में बढ़ते दिखावे और फिजूलखर्ची पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे गरीबों की आत्मा आहत होती है। गांव के वरिष्ठ जनों ने सामाजिक सुधार की दिशा में पहल करने की घोषणा की, जिसे जिलाधिकारी ने पूरे उत्तराखंड के लिए प्रेरणादायक बताया।
कुल मिलाकर, सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि जब सरकार की मंशा जनकल्याण की हो और प्रशासन संवेदनशीलता के साथ काम करे, तो योजनाएं कागजों से निकलकर जमीन पर दिखाई देती हैं और आम आदमी के जीवन में वास्तविक बदलाव लाती हैं।
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