मदरसा जामिया अब्दुल्लाह, कांठ में हाफ़िज़-ए-कुरआन की दस्तारबंदी — : रूहानी माहौल में सजे यादगार लम्हे
Abid Hussain
Sat, Nov 29, 2025
मदरसा जामिया अब्दुल्लाह, कांठ में हाफ़िज़-ए-कुरआन की दस्तारबंदी — रूहानी माहौल में सजे यादगार लम्हे
कांठ। मदरसा जामिया अब्दुल्लाह कांठ में आज हाफ़िज़-ए-कुरआन बनने वाले बच्चों की दस्तारबंदी का पावन और रूहानी कार्यक्रम आयोजित किया गया। माहौल में सुकून, चेहरों पर रौनक और दिलों में इबादत का जज़्बा—इन्हीं खुशनुमा लम्हों के बीच हाफ़िज़ मोहम्मद रिहान समेत कई नौनिहालों को दस्तार पहनाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद उलेमा-ए-किराम ने कुरआन की तालीम की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि हिफ़्ज़-ए-कुरआन एक नेमत है, जो बच्चों के जीवन में रौशनी और समाज में अमन का पैग़ाम लेकर आती है। दस्तारबंदी के दौरान बच्चों की प्यारी तिलावत ने माहौल को और भी दिलकश बना दिया।
मौके पर उपस्थित मोहम्मद अफसर एडवोकेट ने भी हाफ़िज़ छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ बच्चों ही नहीं, बल्कि उनके गुरुओं और वालिदैन की मेहनत का फल है। उन्होंने मदरसे के शिक्षकों को बेहतरीन तालीम के लिए बधाई देते हुए भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कार्यक्रम के अंत में दुआएं की गईं और मदरसे की तरक्की, मुल्क में अमन व सलामती की इल्तिज़ा की गई। दस्तारबंदी के ये रूहपरवर पल देर तक लोगों के दिलों में बसकर एक यादगार बन गए।
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दमदार मिसाल