काठं मेअतिक्रमण हटाओ अभियान या सिर्फ दिखावा? पहले दिन चेतावनी, नतीजा : शून्य—नगर फिर वही का वही
Abid Hussain
Sat, Dec 20, 2025
अतिक्रमण हटाओ अभियान या सिर्फ दिखावा?
पहले दिन चेतावनी, नतीजा शून्य—नगर फिर वही का वही
काठं / एसडीएम संतदास पवार के निर्देश पर अधिशासी अधिकारी रामेश्वर दयाल के नेतृत्व में मुख्य मार्ग पर चलाया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। अभियान के नाम पर पहले दिन केवल दुकानदारों को चेतावनी देकर और ठेला लगाने वालों से मामूली जुर्माना वसूलकर प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
हकीकत यह है कि नगर में अतिक्रमण कोई नई समस्या नहीं है। इससे पहले भी कई बार अभियान चलाए जा चुके हैं, मगर हर बार नतीजा वही—अस्थायी कार्रवाई, स्थायी समस्या। अधिकारियों की शिथिलता और ढुलमुल रवैये के कारण अतिक्रमण कुछ दिनों में फिर उसी जगह जस का तस खड़ा हो जाता है।
अधिशासी अधिकारी ने दोबारा अतिक्रमण करने पर कड़ी कार्रवाई और अगली बार दुकान के बाहर रखा सामान जप्त करने की बात जरूर कही, लेकिन सवाल यह है कि जब पहले के अभियानों में सख्ती नहीं दिखाई गई, तो इस बार भरोसा कैसे किया जाए?
स्थानीय नागरिकों का साफ कहना है कि चेतावनी और जुर्माने से अतिक्रमण खत्म नहीं होगा। जब तक बिना भेदभाव, निरंतर और ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे अभियान केवल कागजी और फोटो सेशन तक ही सीमित रहेंगे।
सफाई नायक और पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद यदि अतिक्रमण बार-बार लौट आता है, तो यह प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी को ही दर्शाता है। नगर की सफाई, यातायात और आमजन की सुविधा से जुड़ा यह गंभीर मुद्दा अब खाना-पूर्ति वाले अभियानों से नहीं, बल्कि निर्णायक कार्रवाई से सुलझने की मांग कर रहा है।
अब देखना यह है कि अगला अभियान वास्तव में कार्रवाई लाएगा या फिर यह भी पिछली बार की तरह फाइलों और बयानों में ही सिमट कर रह जाएगा।
Tags :
अच्छी पहल