: 23 मार्च दिन जुमेरात का होगा पहला रोजा
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Wed, Mar 15, 2023
टनकपुर / रमजान इस्लामी कैलेण्डर का नवां महीना है। मुस्लिम समुदाय के लोग रमजान के महीने को पाक (पवित्र) मानते है। इस पवित्र महीने की शुरुआत रमजान माह के चांद देखने के बाद से होती है। रमजान का महीना कभी 29 दिन का तो कभी 30 दिन का होता है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं। अरबी शब्दकोश में उपवास को सौम कहा जाता है, इसलिए इस मास को अरबी में माह-ए-सियाम भी कहते हैं। फारसी में उपवास को रोजा कहते हैं। 30 दिन के रोजे में प्रत्येक दिन सुबह तड़के खाना खाया जाता है जिसे सहरी कहते हैं। इसके बाद शाम को मगरिब की नमाज से पहले रोजा खोल कर खाना खाते हैं जिसे इफ़्तारी कहते हैं। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, रमजान के महीने में अल्लाह से पैगंबर मोहम्मद साहब को कुरान की आयतें मिली थीं। इसलिए ये महीना बहुत ही पवित्र माना जाता है। आइए जानते हैं कब शुरू होगा रमजान का पवित्र महीना और इससे जुड़ी खास बातें।
इस तारीख से शुरू हो सकता है माहे रमजान
इस्लामिक महीने की शुरुआत चांद देखने से होती है। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक रज़्जब सातवां महीना और शआबान आठवां महीना होता है। और उसके बाद नवां महीना रमजान कहलाता है। शआबान कभी 28, कभी 29 तो कभी 30 दिन का भी होता है। अगर शआबान का महीना 29 दिनों का है तो रमजान 23 मार्च 2023 से शुरू होगा। यानी अगर भारत में 22 मार्च को चांद दिखाई देता है तो 23 मार्च से रमजान मास की शुरूआत मानी जाएगी। अगर 22 मार्च को चांद नहीं दिखा तो, 30 दिनों के महीने देखते हुए रमजान मास 24 मार्च से शुरू हो जाएगा।
रमजान का महत्व
रमजान का महीना काफी पवित्र माना जाता है। कहते हैं इस महीने में इबादत के साथ-साथ जितनी हो सके जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। रमजान के महीने में मन को भी साफ रखना जरूरी है, तभी रोजा पूरा होता है। रोजा रखने के दौरान संयम का तात्पर्य है कि आंख, नाक, कान, जुबान को नियंत्रण में रखा जाना। रोजा रखने के लिए मुस्लिम लोग रोज सूरज उगने से पहले सहरी और शाम को इफ्तार के समय रोजा खोलते हैं और यह क्रम पूरे महीने चलता है। इस माह में मुस्लिम भाईयों को अपने माल में से ढाई प्रतिशत गरीबों और मिसकीनो को जकात भी अदा करनी होती है
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