संवाददाता/ कुंदन बिष्ट : बनबसा : श्रीमद्भागवत कथा में गूंजा धर्म, भक्ति और संस्कारों का संदेश
Abid Hussain
Thu, Apr 9, 2026
बनबसा के बमनपुरी ग्राम सभा स्थित भूमिया मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत पुराण कथा के पंचम दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। व्यास गद्दी पर विराजमान कथा वाचक डॉ. कैलाश चंद्र भट्ट ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि घर में कन्या का जन्म होना अत्यंत सौभाग्य की बात है तथा कन्यादान करने वाले व्यक्ति पर ईश्वर की विशेष कृपा बनी रहती है।
उन्होंने अपने प्रवचन में रामायण के अत्यंत मार्मिक प्रसंग—राजा दशरथ और श्रवण कुमार की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के माध्यम से उन्होंने बताया कि माता-पिता की सेवा सर्वोच्च धर्म है और कर्मों का फल अवश्य मिलता है। श्रवण कुमार की अटूट भक्ति और सेवा भाव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किस प्रकार एक अनजाने में हुए अपराध के कारण राजा दशरथ को पुत्र वियोग का असहनीय दुख सहना पड़ा, जो कर्म और सत्य के प्रभाव को दर्शाता है।
कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति रस में डूबे नजर आए। वहीं श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की मनोहारी झांकी का भी आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह नेगी, पंडित दया किशन पंत, विमला सजवान, नवीन जोशी, त्रिलोचन जोशी, दीपू रौतेला, अशोक जोशी, केतन भट्ट, दिनेश भट्ट, अनिल उप्रेती, हरीश रावत सहित अनेक श्रद्धालुओं का सराहनीय सहयोग मिल रहा है।
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