उत्तराखंड की 25 वीं वर्षगांठ राजकीय महाविद्यालय टनकपुर में धूमधाम से : मनाई गई, उत्सव का माहौल
■ उत्तराखंड की धरती ने मनाया अपना जश्न-ए-जुबां”
टनकपुर (चंपावत)। राजकीय महाविद्यालय टनकपुर की फिज़ा आज कुछ यूं महकी कि हर कोना "देवभूमि" के रंग में रंग गया।राज्य स्थापना दिवस की 25वीं रजत जयंती पर जब दीप जले, सरस्वती वंदना गूंजी — तो मानो खुद हिमालय ने भी मुस्कुराकर आशीर्वाद दिया।महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनुपमा तिवारी की अध्यक्षता में हुए समारोह में मुख्य अतिथि श्री विपिन कुमार वर्मा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद टनकपुर और विशिष्ट अतिथि श्री रोहतास अग्रवाल, वरिष्ठ समाजसेवी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी उज्जवल बना दिया। 
छात्राओं ने जब मंच पर कदम रखा — तो पांवों की थिरकन ने “गढ़वाली” और “कुमाऊँनी” धुनों को नई पहचान दी।गीतों में उत्तराखंड की मिट्टी की खुशबू थी,और नृत्य में उस अटल हिमालय का जोश — जो हर मुश्किल में अडिग रहता है।व्याख्यानों में उत्तराखंड के 25 वर्षों की गाथा गूंजी कैसे यह धरती "देवभूमि" से "विकसित भारत" की राह पर अग्रसर है। वक्ताओं ने कहा —"हमारे पहाड़ सिर्फ ऊँचाई नहीं, पहचान हैं... और नई पीढ़ी को इन्हें अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।" महाविद्यालय की छात्राओं के द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए गए मुख्य तथा विशिष्ट अतिथि एवं प्राचार्य द्वारा विभिन्न प्रतियोगिता में विजयी रहे छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रोफेसर एस के कटियार, एम एस चौहान, डॉक्टर अब्दुल शाहीद, डॉक्टर सुमन कुमारी, डॉ विमल जोशी, डॉक्टर ब्रह्मानंद, डॉक्टर विजय डालाकोटी, डॉक्टर चेतन जोशी, डॉक्टर पूनम, डॉक्टर मीनाक्षी, डॉक्टर होशियार सिंह, डॉक्टर रोहित शर्मा, दीपा बुंगला, धर्मेंद्र गिरी, पंकज पांडेय, श्रीमती आरती, श्रीमती पुष्पा भट्ट, जोगेंद्र कुमार, रजत शाही, भरत प्रकाश, प्रवेश प्रकाश, पवन रावत, जितेंद्र सिंह, छात्र संघ अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद कोहली, दीपक बेलवाल, अनुष्का महर, दीपा चंद, रितिका, रुमाईशा परवीन, मुस्कान, रोहन, सनी यादव, दीपक पांडे सहित अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुषमा मक्कड़ ने किया और डॉ. सुल्तान सिंह यादव ने अतिथियों का स्वागत व धन्यवाद ज्ञापन किया। समारोह में शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही ।
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