चंपावत में बड़ा फैसला: वर्ग–3 और वर्ग–4 भूमि का विनियमितीकरण अब हर : हाल में होगा पूरा, डीएम चंपावत
Abid Hussain
Sun, Feb 22, 2026
चंपावत, जनपद में वर्षों से लंबित चल रहे वर्ग–3 एवं वर्ग–4 भूमि के विनियमितीकरण मामलों पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शासन के स्पष्ट और दो-टूक निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने संकेत दे दिया है कि पात्र आवेदकों के प्रकरणों का निस्तारण अब किसी भी हाल में टाला नहीं जाएगा।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में शासनादेश के माध्यम से वर्ग–4 की भूमि के अवैध कब्जाधारियों एवं पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार प्रदान करते हुए विनियमितीकरण के आदेश निर्गत किए गए थे। इसी क्रम में वर्ग–3 की भूमि के पट्टेदारों को संगणनीय भूमिधरी का अधिकार देने के लिए भी कार्यवाही प्रारंभ की गई थी।
अवधि समाप्त, फिर भी मिला एक और अवसर
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि उक्त शासनादेशों की निर्धारित अवधि 02 नवम्बर 2021 को समाप्त हो गई थी, जिसके बाद इसे एक वर्ष के लिए विस्तारित किया गया। लेकिन कोविड–19 महामारी के कारण कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें आवेदकों ने समय से शुल्क जमा करा दिया था, परंतु प्रतिबंधात्मक परिस्थितियों के चलते प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी।
अब शासन ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुनः अवसर प्रदान किया है।
“जिन्होंने शुल्क जमा किया, उनका हक़ मिलेगा” – डीएम
डीएम मनीष कुमार ने कड़े शब्दों में निर्देशित किया है कि जिन आवेदकों ने प्रभावी अवधि के दौरान निर्धारित शुल्क चालान के माध्यम से जमा करा दिया है, उनके मामलों में तत्समय प्रभावी शासनादेशों के अनुरूप नियमानुसार विनियमितीकरण की कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि—
प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
की गई कार्यवाही से शासन को अवगत कराया जाए।
किसी भी पात्र आवेदक को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
प्रशासन का साफ संदेश
प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया है कि अब लापरवाही या फाइलों में धूल झाड़ने का दौर खत्म होगा। जिन लोगों ने नियमों के तहत शुल्क जमा किया है, उन्हें उनका वैधानिक अधिकार दिलाया जाएगा।
जनपद में इस निर्णय से सैकड़ों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो वर्षों से अपने भूमिधरी अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे थे।
अब देखना यह होगा कि राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारी शासन के इन सख्त निर्देशों को कितनी तत्परता से धरातल पर उतारते हैं।
Tags :