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जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे” – PACS को दवा लाइसेंस देने के : प्रस्ताव पर AIOCD का तीखा विरोध

Abid Hussain

Sun, Mar 8, 2026

ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को फार्म 20A व 21A के अंतर्गत प्रतिबंधित औषधि लाइसेंस देने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने इसे जनस्वास्थ्य, रोगी सुरक्षा तथा राष्ट्रीय औषधि नियंत्रण व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है।

AIOCD के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. एस. शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने कहा कि दवाएं जीवनरक्षक उत्पाद हैं, जिन्हें कृषि रसायनों के समान नहीं माना जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि दवाओं का वितरण केवल प्रशिक्षित और पंजीकृत फार्मासिस्ट की निगरानी में ही होना चाहिए। किसी भी प्रकार की ढील सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के साथ जोखिमपूर्ण प्रयोग साबित हो सकती है।

संगठन के अनुसार ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक रूल्स 1945 के नियम 62A और 62B ऐतिहासिक रूप से केवल अपवाद स्वरूप परिस्थितियों के लिए बनाए गए थे। वर्तमान समय में देश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर और पंजीकृत फार्मासिस्ट उपलब्ध हैं। ऐसे में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित लाइसेंस जारी करना न तो आवश्यक है और न ही औचित्यपूर्ण।

AIOCD ने यह भी चेतावनी दी कि PACS संस्थाएं मुख्य रूप से उर्वरक, कीटनाशक और कृषि रसायनों का व्यापार करती हैं। ऐसे परिसरों में दवाओं का भंडारण करने से क्रॉस-कंटैमिनेशन और अनुचित स्टोरेज का खतरा बढ़ सकता है, जिससे सीधे तौर पर मरीजों की सुरक्षा प्रभावित होगी।

संगठन का कहना है कि यदि गैर-फार्मासिस्ट द्वारा दवाओं का वितरण किया गया तो एंटीबायोटिक के दुरुपयोग, दवा-त्रुटियों और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) जैसी राष्ट्रीय चुनौतियों में वृद्धि हो सकती है।

AIOCD की प्रमुख मांगें:

PACS को परिवर्तित औषधि लाइसेंस देने के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त किया जाए।

नियम 62A और 62B के अंतर्गत राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को कोई सामान्य अनुमति जारी न की जाए।

प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र केवल लाइसेंस प्राप्त फार्मेसी परिसर में और पंजीकृत फार्मासिस्ट की निगरानी में ही संचालित हों।

AIOCD ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से आग्रह किया है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 की मूल भावना और उद्देश्यों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

संगठन ने यह भी बताया कि AIOCD देश के 12.40 लाख से अधिक औषधि विक्रेताओं का प्रतिनिधित्व करता है, जो देश के दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों तक सुरक्षित और विनियमित औषधि सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

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