सेवा संकल्प फाउंडेशन के आयोजन में गूंजे लोकगीत, झोड़ा-चांचरी और : सांस्कृतिक प्रस्तुतियां; 15 महिलाओं को मिला नंदा शिखर सम्मान
Abid Hussain
Sun, Aug 9, 2026
सावन उत्सव में बिखरे उत्तराखंड की लोकसंस्कृति के रंग, मातृशक्ति ने बढ़ाया उत्सव का उल्लास
चंपावत। सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी श्रीमती गीता पुष्कर धामी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में रविवार को जीजीआईसी सभागार चंपावत में ‘सावन उत्सव-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। सावन की उमंग, उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और मातृशक्ति के उत्साह से सराबोर इस आयोजन में जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं, छात्राएं, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान लोकगीतों, नृत्य, पारंपरिक वेशभूषा और विभिन्न प्रतियोगिताओं ने दर्शकों को बांधे रखा।
कार्यक्रम का शुभारंभ फाउंडर ट्रस्टी गीता पुष्कर धामी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पूज्य माताजी श्रीमती बिशना देवी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं, संस्कृति और नारी शक्ति को केंद्र में रखते हुए विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की गईं।
शिव-पार्वती नृत्य ने बांधा समां
सावन उत्सव का प्रमुख आकर्षण भगवान शिव एवं माता पार्वती को समर्पित मनमोहक नृत्य रहा। विद्यालय की छात्राओं और चंपावत डिग्री कॉलेज की छात्राओं ने हिमाचली नृत्य, नंदा-सुनंदा सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। वहीं उत्तराखंड की पौराणिक परंपराओं को जीवंत करते हुए सातूं-आंठू (गौरा-महेश) और झोड़ा-चांचरी की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
कार्यक्रम में 60 से 65 वर्ष आयु की 13 वरिष्ठ महिलाओं के समूह ने नशा मुक्ति अभियान पर विशेष प्रस्तुति देकर सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। वरिष्ठ महिलाओं की भावपूर्ण प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
‘मिसेज सावन क्वीन’ और ‘सुपर ईजा डांस’ ने बढ़ाया उत्साह
महिलाओं के मनोरंजन और प्रतिभा को मंच देने के लिए ‘मिसेज सावन क्वीन-2026’, ‘सुपर ईजा डांस’ सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। रैंप वॉक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों का चयन किया गया और विजेताओं को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही ‘सावन सरप्राइज अवॉर्ड्स’ में सबसे लंबी प्रतिभागी, सबसे दूर से आई प्रतिभागी, सबसे सुंदर मुस्कान और आकर्षक पारंपरिक परिधान जैसी रोचक श्रेणियों में मौके पर ही पुरस्कार दिए गए। विभिन्न मनोरंजक खेल एवं प्रतियोगिताओं ने पूरे दिन उत्सव के माहौल को जीवंत बनाए रखा। आयोजकों ने प्रत्येक प्रतिभागी का उत्साह बढ़ाने के लिए सहभागिता पुरस्कार भी प्रदान किए।
पहाड़ी उत्पादों और ऐपण कला के स्टॉल बने आकर्षण
उत्सव में स्थानीय महिलाओं के हुनर और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों ने स्टॉल लगाए। इनमें पारंपरिक ऐपण कला, मेहंदी, लोहे के बर्तन, जूट के बैग और विभिन्न पहाड़ी उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। लाइव मेहंदी स्टॉल, सावन सेल्फी प्वाइंट और झूला स्टॉल भी महिलाओं और बालिकाओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
15 महिलाओं को मिला ‘नंदा शिखर सम्मान’
सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को कार्यक्रम में विशेष सम्मान दिया गया। स्वयं सहायता समूहों से राधा राणा, गीता देवी, आरती देवी और मालती देवी; आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में गीता देवी, रजनी देवी, उमा त्रिपाठी और मीना पांडे; आशा कार्यकर्ताओं में नीलू महर, दीपा बोहरा, कमला पंगरिया, गीता जोशी और नीरू देवी तथा शिक्षिका बीना तोमर और कमला नाथ गोस्वामी को श्रीमती गीता धामी ने ‘नंदा शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत रोपा रुद्राक्ष का पौधा
सावन उत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। श्रीमती गीता धामी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा रोपकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि उपहार में मिलने वाले पौधों का बच्चों की तरह पालन-पोषण करें।
‘सशक्त महिला ही सशक्त समाज की आधारशिला’
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती गीता धामी ने कहा कि पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं की उपस्थिति ने उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को जीवंत कर दिया। ‘सुपर ईजा डांस’, ‘मिसेज सावन क्वीन’ और ‘झोड़ा-चांचरी’ जैसी प्रतियोगिताओं का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि ‘माता भूमिः पुत्रोहं पृथिव्याः’ के भाव के साथ सेवा संकल्प फाउंडेशन प्रदेशभर में पौधरोपण अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी लगातार कार्य कर रहा है, क्योंकि एक सशक्त महिला ही पूरे समाज को सशक्त बनाने की क्षमता रखती है। उन्होंने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।
कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, सुभाष बगौली, हेमा जोशी, मुकेश महराना, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडेय, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतीश पांडे, महिला मोर्चा अध्यक्ष दीपा जोशी, शंकर पांडे, प्रदेश महामंत्री मुकेश कलकुड़िया, सहायक परियोजना निदेशक विमी जोशी, ब्लॉक मिशन मैनेजर आशा सामंत सहित विभिन्न विभागों की महिला अधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य, स्कूली छात्राएं और बड़ी संख्या में क्षेत्र की महिलाएं मौजूद रहीं।
कार्यक्रम के समापन पर सेवा संकल्प फाउंडेशन ने सभी अतिथियों, कलाकारों, प्रतिभागियों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। सावन उत्सव ने जहां उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और परंपराओं को मंच प्रदान किया, वहीं महिला शक्ति, स्थानीय उत्पादों और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाया।
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