नवंबर से शुरू हो शारदा खनन सत्र, यूनियन ने वन विभाग से की : समय पर तैयारी की मांग
Abid Hussain
Thu, Oct 8, 2026
टनकपुर। शारदा नदी में आगामी खनन सत्र को समय से शुरू कराने की मांग तेज हो गई है। मां शारदा खनन शक्तिमान यूनियन ने वन विभाग से नवंबर माह से ही खनन निकासी की प्रक्रिया शुरू कराने का आग्रह किया है। यूनियन का कहना है कि खनन सत्र में देरी का सबसे अधिक असर स्थानीय वाहन स्वामियों, श्रमिकों और खनन कारोबार से जुड़े लोगों की आय पर पड़ता है।
यूनियन अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने वन क्षेत्राधिकारी को भेजे पत्र में कहा कि पिछले वर्षों में खनन कार्य देर से शुरू होने के कारण वाहन स्वामियों को सीमित अवधि में ही काम मिल पाता है। कम अवधि का खनन सत्र होने से वाहन की किस्त, डीजल, रखरखाव और श्रमिकों की मजदूरी जैसे खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो जाता है।
यूनियन ने यह भी तर्क दिया कि समय पर खनन शुरू होने से सत्र को मानसून से पहले पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे नदी में जलस्तर बढ़ने के दौरान काम जारी रखने की मजबूरी कम होगी और श्रमिकों व वाहनों की सुरक्षा भी बेहतर रहेगी।
स्थानीय कारोबार को भी मिलेगा फायदा
यूनियन पदाधिकारियों के मुताबिक शारदा खनन से जुड़े वाहन स्वामी और श्रमिक ही नहीं, बल्कि टनकपुर का स्थानीय बाजार भी इससे प्रभावित होता है। खनन गतिविधियां शुरू होने पर डीजल, वाहन मरम्मत, स्पेयर पार्ट्स, टायर सहित कई कारोबारों में गतिविधियां बढ़ती हैं। समय पर सत्र शुरू होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।
सरकारी राजस्व बढ़ने की उम्मीद
यूनियन ने कहा कि खनन सत्र की अवधि बढ़ने से सरकारी खनन व्यवस्था को भी लाभ मिल सकता है। अधिक समय तक नियमानुसार खनन एवं निकासी होने पर उत्तराखंड वन विकास निगम के राजस्व में वृद्धि की संभावना है।
यूनियन अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने वन विभाग से मांग की है कि खनन सत्र शुरू करने की तैयारियां समय रहते पूरी कर नवंबर माह से शारदा नदी में खनन निकासी शुरू कराने की दिशा में ठोस निर्णय लिया जाए। यूनियन का कहना है कि इससे स्थानीय वाहन स्वामियों, श्रमिकों और कारोबार से जुड़े हजारों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।
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