सीआईएसएफ और आईआईटी कानपुर के बीच साइबर सुरक्षा व ड्रोन : तकनीक पर दो समझौता ज्ञापन
Abid Hussain
Mon, Sep 21, 2026
सीआईएसएफ और आईआईटी कानपुर के बीच साइबर सुरक्षा व ड्रोन तकनीक पर दो अहम समझौता ज्ञापन
महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा होगी मजबूत, स्वदेशी ड्रोन और साइबर सुरक्षा समाधान विकसित करने को मिलेगी गति
नई दिल्ली, । महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से और मजबूत करने की दिशा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर के साथ साइबर सुरक्षा तथा ड्रोन एवं ड्रोन रोधी तकनीक के क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।
इन समझौतों के माध्यम से महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा के लिए स्वदेशी ड्रोन और साइबर सुरक्षा समाधान विकसित करने के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही सीआईएसएफ कर्मियों को आधुनिक तकनीक और उभरते सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
साइबर सुरक्षा पर विशेष प्रशिक्षण
साइबर सुरक्षा से संबंधित समझौता ज्ञापन के तहत सीआईएसएफ कर्मियों को डिजिटल अपराध संबंधी वैज्ञानिक जांच, साइबर घटनाओं के प्रबंधन, महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा और उभरते साइबर खतरों से निपटने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण निःशुल्क होगा।
साइबर सुरक्षा संबंधी समझौते पर सीआईएसएफ के पुलिस महानिरीक्षक सेंथिल अवुडई कृष्णा राज एस और सी3आई हब की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तनिमा हाजरा ने हस्ताक्षर किए।
ड्रोन और ड्रोन रोधी तकनीक पर सहयोग
दूसरे समझौता ज्ञापन के तहत मानवरहित हवाई यान संचालन, ड्रोन से संबंधित वैज्ञानिक जांच और ड्रोन रोधी तकनीक के क्षेत्र में प्रशिक्षण तथा संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके साथ ही उत्कृष्टता केंद्र, उन्नत प्रशिक्षण अनुकरण प्रणाली और वैज्ञानिक जांच सुविधाओं के विकास में भी सहयोग किया जाएगा। इसका उद्देश्य सुरक्षा बल को ड्रोन से उत्पन्न होने वाली नई चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाना है।
ड्रोन तकनीक से संबंधित समझौता ज्ञापन पर सीआईएसएफ के एमपीआरटीसी बहरोड़ के उपमहानिरीक्षक डॉ. सी. धनंजय नाइक और आईआईटी कानपुर के अनुसंधान एवं विकास विभाग के अधिष्ठाता प्रो. जयंधरन जी. राव ने हस्ताक्षर किए।
दोनों समझौता ज्ञापनों के माध्यम से सीआईएसएफ और आईआईटी कानपुर के बीच तकनीकी विशेषज्ञता, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा। इससे देश के महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से मजबूत करने तथा स्वदेशी साइबर सुरक्षा और ड्रोन तकनीक विकसित करने के प्रयासों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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