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संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल बने जिलाधिकारी मनीष कुमार : सरकार जनता के द्वार’ से जनता को मिला भरोसा, प्रशासन को नई पहचान

Abid Hussain

Wed, Dec 17, 2025

चंपावत। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब प्रशासनिक नेतृत्व संवेदनशील और जवाबदेह हो, तो योजनाएं कागजों से निकलकर जमीन पर दिखाई देने लगती हैं। ‘सरकार जनता के द्वार’ जैसे जनोन्मुखी अभियान के माध्यम से डीएम मनीष कुमार ने शासन और आमजन के बीच मजबूत सेतु का निर्माण किया है।

45 दिनों तक चलने वाले इस अभियान की शुरुआत सिमल्टा न्याय पंचायत से कर जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचेगा। उनका यह दृष्टिकोण पहले ही दिन प्रभावी साबित हुआ, जब सैकड़ों ग्रामीणों को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिला।

जिलाधिकारी मनीष कुमार की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने अधिकारियों को साफ शब्दों में जिम्मेदारी का एहसास कराया। उनका कहना था कि यदि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित रह जाता है, तो यह प्रशासन की कमी होगी। यह कथन न केवल सख्त प्रशासनिक संदेश है, बल्कि आमजन के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता को भी दर्शाता है।

दिव्यांगों, वृद्धजनों और असहाय लोगों के लिए विशेष निर्देश देकर डीएम ने मानवीय प्रशासन की मिसाल पेश की। जो बुजुर्ग या दिव्यांग जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंच सकते, उनके घर जाकर सुविधाएं उपलब्ध कराने का आदेश प्रशासनिक सोच में सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है। गंभीर रूप से दिव्यांग गोविंद प्रसाद पांडे को व्हीलचेयर और सहायक उपकरण उपलब्ध कराना इसी संवेदनशील नेतृत्व का जीवंत उदाहरण बना।

शिविरों में जनसमस्याओं का मौके पर ही समाधान, अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी और स्वयं जिलाधिकारी की निगरानी ने ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत किया। ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा सहित जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार की कार्यशैली की खुले दिल से सराहना की।

संवेदनशील, कर्मठ और जनता के प्रति समर्पित जिलाधिकारी मनीष कुमार की अगुवाई में ‘सरकार जनता के द्वार’ अभियान ग्रामीण अंचलों में उम्मीद की नई रोशनी बनकर उभरा है। यह पहल न केवल प्रशासनिक कार्यशैली को नई दिशा दे रही है, बल्कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनकल्याणकारी विजन को भी सशक्त रूप दे रही है।

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दमदार मिसाल

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