Sat 08 Aug 2026

ब्रेकिंग

निधन, टनकपुर में शोक की लहर

अभ्यर्थियों को मिलेगी वरीयता

एनएचपीसी ने सुरक्षा के साथ दी आवाजाही की अनुमति

रहा भव्य सैनिक स्मारक अंतिम चरण में

पौधे रोपे, पर्यावरण संरक्षण का दिया सशक्त संदेश

सुचना

टनकपुर में खुला उत्तराखंड का पहला पिंक नागरिक निःशुल्क पुस्तकालय, अब : बेटियों की पढ़ाई से नहीं होगा कोई समझौता

Abid Hussain

Thu, Dec 25, 2025

शिक्षा में क्रांति का एलान!

टनकपुर (चम्पावत)।अब सिर्फ भाषण नहीं, जमीन पर बदलाव दिखाई देगा। शिक्षा के नाम पर वर्षों से किए जा रहे खोखले दावों को चुनौती देते हुए जिए पहाड़ समिति ने टनकपुर में उत्तराखंड राज्य का पहला “पिंक श्रीमती हीरा देवी भट्ट नागरिक निःशुल्क पुस्तकालय” खोलकर साफ कर दिया है कि अगर इरादा मजबूत हो तो संसाधनों की कमी भी रास्ता नहीं रोक सकती।

25 दिसंबर 2025, गुरुवार को हुए इस ऐतिहासिक उद्घाटन ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। मुख्य अतिथि श्रीमती पार्वती जोशी, ELARA Capital London के सीईओ व अभियान संरक्षक श्री राज भट्ट और चम्पावत के CDO डॉ. गणेश सिंह खाती ने दीप प्रज्वलित कर यह संदेश दे दिया कि अब बेटियों की शिक्षा पीछे नहीं, सबसे आगे होगी।जिए पहाड़ समिति के जिला समन्वयक अनिल चौधरी ‘पिंकी’ ने दो टूक कहा—“यह सिर्फ एक पुस्तकालय नहीं, बल्कि उस सोच पर सीधा हमला है जो बेटियों की पढ़ाई को बोझ मानती है।”

उन्होंने बताया कि यह उत्तराखंड का 27वां और चम्पावत का 21वां नागरिक निःशुल्क पुस्तकालय है, लेकिन पिंक लाइब्रेरी के रूप में यह प्रदेश की पहली और सबसे सशक्त पहल है। यहां छात्राओं को विशेष सुविधाएं, सुरक्षित अध्ययन माहौल और प्रतियोगी परीक्षाओं की ठोस तैयारी कराई जाएगी।

सबसे बड़ा तमाचा उन लोगों के लिए है जो कहते हैं कि निःशुल्क प्रयासों से कुछ नहीं होता—नागरिक निःशुल्क पुस्तकालय अभियान से अब तक 80 से अधिक छात्र-छात्राएं सरकारी सेवाओं में चयनित होकर देश और प्रदेश की सेवा कर रहे हैं।

उद्घाटन समारोह में प्रशासन, शिक्षा और समाजसेवा से जुड़े अनेक दिग्गजों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि यह पहल किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। बड़ी संख्या में मातृशक्ति की सहभागिता ने यह भी जता दिया कि अब बेटियों की आवाज दबेगी नहीं।

साफ संदेश है—

अब न बहाने चलेंगे, न टालमटोल।

पिंक नागरिक निःशुल्क पुस्तकालय ने एलान कर दिया है कि उत्तराखंड की बेटियां पढ़ेंगी, आगे बढ़ेंगी और व्यवस्था को जवाब देंगी।

Tags :

अच्छी पहल

जरूरी खबरें