Wed 12 Aug 2026

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‘नंदा शिखर सम्मान’

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सांस्कृतिक प्रस्तुतियां; 15 महिलाओं को मिला नंदा शिखर सम्मान

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सावन उत्सव में गूंजी मातृशक्ति की हुंकार, 10 कर्मठ महिलाओं को मिला ‘ : ‘नंदा शिखर सम्मान’

Abid Hussain

Tue, Aug 11, 2026

गीता धामी बोलीं—महिलाएं सिर्फ घर नहीं, खेत, संस्कृति और आजीविका की भी मुख्य धुरी; चंदन का पौधा रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

टनकपुर, 11 अगस्त। सेवा संकल्प फाउंडेशन की ओर से मातृशक्ति को समर्पित भव्य ‘सावन उत्सव-2026’ का आयोजन टनकपुर स्थित मिलन वाटिका में धूमधाम से किया गया। भक्ति, लोक संस्कृति, मनोरंजन और महिला सशक्तिकरण के रंगों से सजे इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 10 कर्मठ महिलाओं को ‘नंदा शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी श्रीमती गीता धामी ने कहा कि मातृशक्ति केवल घर-चौखट संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाएं हमारे खेत, संस्कृति और आजीविका की मुख्य धुरी हैं। आज बहनें शिक्षा, खेल, प्रशासन, उद्यमिता सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और साहस का परचम लहरा रही हैं।

उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। ‘नंदा गौरा योजना’ बेटियों के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक उन्हें आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षित बेटी न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज की सोच बदलने की क्षमता रखती है।

■■ आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं

श्रीमती धामी ने कहा कि वास्तविक महिला सशक्तिकरण तभी संभव है, जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और अपनी पहचान स्वयं गढ़ें। ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ और ‘लखपति दीदी’ जैसी पहल महिलाओं को उद्यमिता की ओर आगे बढ़ा रही हैं। ऐपण कला, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद, कृषि, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई और होमस्टे के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार कर रही हैं।

उन्होंने सेवा संकल्प फाउंडेशन की ओर से महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता और मार्केटिंग के क्षेत्र में सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

¤¤‘एक पौधा, प्रकृति के नाम’ का संदेश

पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए श्रीमती गीता धामी ने ‘एक पौधा, प्रकृति के नाम’ अभियान के तहत चंदन का पौधा रोपा। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को पौधे वितरित करते हुए अधिक से अधिक पौधरोपण करने और उनकी देखभाल का संकल्प दिलाया।

■■ लोक संस्कृति और सावन के रंग में रंगा उत्सव

उत्सव में ‘सुपर ईंजा डांस प्रतियोगिता’ और रैंप वॉक पर आधारित ‘मिसेज सावन क्वीन-2026’ प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही। विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं सभी प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने के लिए सहभागिता पुरस्कार भी दिए गए।

भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित नृत्य प्रस्तुतियों, ग्रुप डांस और नाट्य मंचन ने कार्यक्रम में भक्ति का रंग भर दिया। वहीं उत्तराखंड की लोक परंपराओं पर आधारित सांतूं-आंठू (गौरा-महेश) तथा झोड़ा-चांचरी की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। ‘सावन सरप्राइज अवॉर्ड्स’ और विभिन्न मनोरंजक खेलों ने कार्यक्रम में खूब रंग जमाया।

●● 10 कर्मठ महिलाओं को मिला ‘नंदा शिखर सम्मान’

स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं, शिक्षिकाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, आपातकालीन चिकित्सा सेवा में टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत महिलाओं तथा क्षेत्र की प्रथम टुकटुक संचालिका सहित 10 कर्मठ महिलाओं को ‘नंदा शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए श्रीमती धामी ने कहा कि उनका संघर्ष और साधना समृद्ध उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी मिलकर ऐसा उत्तराखंड बनाएं, जहां हर नारी स्वाभिमान के साथ प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। कार्यक्रम का संचालन कल्पना आर्य ने किया। इस दौरान राज्य दर्जा मंत्री हेमा जोशी, किरन देवी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा दीपा जोशी, नगर पंचायत बनबसा अध्यक्ष रेखा देवी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्पा विश्वकर्मा, सुनीता मुरारी, मंडल अध्यक्ष तुलसी कुंवर, जिला पंचायत सदस्य बनबसा सरोज चंद, सुनीता यादव, रूची धस्माना, रुकमणी उनियाल, बबीता गोस्वामी, मुन्नी देवी, गीता देवी, हंसा जोशी, विद्या, निशा वर्मा, रीता कलखुड़िया और उर्मिला चंद सहित अनेक महिलाएं मौजूद रहीं।

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दमदार मिसाल

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