नेपाल सीमा पर मानव तस्करी के खिलाफ पुलिस का प्रहार, : गांव- गांव पहुंचा जागरूकता अभियान
Abid Hussain
Wed, Sep 16, 2026
टनकपुर/बनबसा। पुलिस अधीक्षक चंपावत एवं पुलिस मुख्यालय के आदेश के अनुपालन तथा क्षेत्राधिकारी टनकपुर के पर्यवेक्षण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंपावत एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त टीम ने सीमावर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मानव तस्करी के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया।
अभियान के दौरान शारदा बैराज बनबसा, पिलर नंबर-7 अंतरराष्ट्रीय सीमा नेपाल बॉर्डर, धनुषपुल, ग्राम गड़ीगोठ और भैंसझाला क्षेत्र में लोगों को मानव तस्करी के गंभीर अपराध और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि मानव तस्करी में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को धोखे, दबाव, बल प्रयोग या मजबूरी का फायदा उठाकर जबरन देह व्यापार, बंधुआ मजदूरी, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति अथवा अवैध अंग व्यापार जैसे शोषण के लिए इस्तेमाल किया जाता है। गरीबी, अशिक्षा, रोजगार और बेहतर जिंदगी का झूठा लालच तथा जागरूकता की कमी तस्करी के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को बताया गया कि तस्करी की आशंका होने पर पीड़ित को तत्काल सुरक्षित कराने के साथ तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पीड़ितों को कानूनी सहायता, मुआवजा और पुनर्वास संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। वहीं बच्चे के पीड़ित होने की स्थिति में बाल कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा सुरक्षा, काउंसलिंग और पुनर्वास की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
टीम ने लोगों को भारतीय न्याय संहिता, अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम-1956, POCSO अधिनियम तथा बाल श्रम संबंधी कानूनों की जानकारी भी दी। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई कि किसी व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधि, बच्चों के गायब होने, जबरन मजदूरी या रोजगार के नाम पर लोगों को बाहर ले जाने जैसी जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
किसी भी आपात स्थिति में 112, स्थानीय पुलिस अथवा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट से संपर्क करने की अपील की गई।
प्रभारी AHTU, जनपद चंपावत की ओर से अभियान के दौरान लोगों को मानव तस्करी के खिलाफ सतर्क रहने और समाज को सुरक्षित बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
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